प्रतिभाशाली कवि, साहित्यकार एवं राजस्थान जनसांस्कृतिक मंच के सक्रिय सदस्य
"शब्दों से सृजित करते हैं सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड, काव्य से बुनते हैं जीवन के रंग"
राजस्थान के विभिन्न साहित्यिक मंचों पर काव्य पाठ के लिए सम्मानित, नवोदित कवियों के मार्गदर्शक एवं हिंदी-ब्रज भाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय योगदान
भावनाओं और विचारों का सुंदर संगम, शब्दों की शक्ति का अनूठा प्रदर्शन
शब्द ही वाण है,
शब्द ही प्राण है,
शब्द ही प्रमाण है,
शब्द ही प्रकाण्ड है,
शब्द चहुँओर क्योंकि
शब्द ही ब्रम्हाण्ड है।
शब्द ही मान है,
शब्द ही अभिमान है,
शब्द ही ज्ञान है,
शब्द ही अज्ञान है,
शब्द से सब होता क्योंकि
शब्द ही महान है।
शब्द ही प्राप्ति है,
शब्द ही भक्ति है,
शब्द ही मुक्ति है,
शब्द ही हर युक्ति है,
शब्द शक्तिशाली क्योंकि
शब्द ही हर शक्ति है।
शब्द ही जोश है,
शब्द ही उद्घोष है,
शब्द ही दोष है,
शब्द ही निर्दोष है,
शब्द धर्म रीति का
विशाल काव्य-कोष है।
खौलता लहू है शब्द,
रणभूमि का है अस्त्र शब्द,
युद्ध का आरंभ शब्द,
युद्ध का है अंत शब्द,
शब्द अपने शब्द से,
हर शब्द को करता निःशब्द।।
विभिन्न काव्य गोष्ठियों और साहित्यिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति एवं योगदान
भरतपुर में आयोजित हिंदी दिवस के अवसर पर काव्य पाठ एवं विशेष योगदान के लिए सम्मानित। कार्यक्रम में उनकी कविता "शब्द" ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ब्रज भाषा के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए आयोजित विशेष काव्य गोष्ठी में सक्रिय भागीदारी। उनकी ब्रज भाषा में रचित कविताओं ने समा बाँध दिया।
नए कवियों को काव्य रचना की बारीकियाँ सिखाने के लिए आयोजित विशेष कार्यशाला में मुख्य मार्गदर्शक की भूमिका। ५० से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया।